Sunday, August 16, 2015

जीवन की आपा-धापी में : नील्स फर्लिन

नील्स फर्लिन की एक कविता 
(अनुवाद अनुपमा पाठक) 

जीवन की आपा-धापी में
हम जाते हैं अलग अलग स्थानों तक
हम मिलते हैं और अदा करते हैं
अपने अपने किरदार -

हम अपने विचारों को छुपाते हैं,
छुपाते हैं अपने घाव
और अपना हृदय जो धड़कता है
और करता है आघात -

हम हर सुबह टांग कर दरवाज़े की खूंटियों पर
अपने नाम का विज्ञापन
बात करते हैं मौसम
और पवन के बारे में -

जीवन की आपा-धापी में
हम कितने करीब आ जाते हैं
लेकिन फिर भी होते हैं बहुत दूर
वैसे भी.


I livets villervalla

I livets villervalla
vi gå på skilda håll.
Vi mötas och vi spela
vår roll -

Vi dölja våra tankar,
Vi dölja våra sår
och vårt hjärta som bankar
och slår -

Vi haka våra skyltar
var morgon på vår grind
och prata om väder
och vind -

I livets villervalla
så nära vi gå
men så fjärran från varandra
ändå.

-Nils Ferlin

3 comments:

  1. बहुत ही सुंदर रचना की प्रस्‍तुति।

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  2. बहुत सुन्दर....

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  3. उत्कृष्ट रचना अनुपमा जी ।

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